दिलदारनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में रविवार को आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जिला बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के 22 सरस्वती शिशु मंदिरों के प्रधानाचार्यों ने हिस्सा लिया और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विस्तृत चर्चा की।
शिक्षण विधियों और सर्वांगीण विकास पर जोर बैठक का आयोजन जिला बाल कल्याण समिति के मंत्री श्री अवध बिहारी राय एवं संभाग निरीक्षक श्री बीरेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में हुआ।

मुख्य एजेंडा: विद्यालयों में प्रभावी शिक्षण के माध्यम से बालकों / बालिकाओं का सर्वांगीण विकास करना।
रणनीति: आधुनिक और प्रभावी शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई।
विद्यालय के विकास का संकल्प
इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय प्रबंध समिति की भी बैठक हुई, जिसमें नगर पंचायत चेयरमैन श्री अविनाश जायसवाल ने मुख्य रूप से शिरकत की। चेयरमैन ने विद्यालय के विकास और भवन के रेनोवेशन (नवीनीकरण) कार्य को प्राथमिकता से कराने का वादा किया।

बैठक में संरक्षक दिनेश जी (पूर्व चेयरमैन), संरक्षक श्री सत्येन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष श्री धीरज कुमार गुप्ता (अधिवक्ता), प्रबंधक श्री सत्येन्द्र प्रसाद गुप्ता, सह प्रबंधक श्री सुधीर कुमार मौर्य, कोषाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह वरिष्ठ सदस्य सदानंद गुप्ता, अनुग्रह कुमार जायसवाल, संदीप कुमार सहित समिति के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
गर्व का क्षण: पूर्व छात्र बना इनकम टैक्स इंस्पेक्टर
बैठक के दौरान एक बेहद गौरवपूर्ण पल तब आया जब विद्यालय के पूर्व छात्र दीपक गुप्ता की सफलता का जश्न मनाया गया।

उपलब्धि: दीपक गुप्ता (पुत्र श्री राधेश्याम गुप्ता, कपड़ा व्यवसायी) ने SSC CGL 2025 की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर आयकर विभाग (Income Tax Department) में Inspector का पद प्राप्त किया है।
सम्मान: प्रधानाचार्य मनोज कुमार एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने दीपक को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
”ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं जब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाती हैं, तो यह पूरे क्षेत्र और शिक्षण संस्थान के लिए गर्व का विषय होता है।” — प्रबंध समिति, सरस्वती शिशु मंदिर
